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Ram Chalisa
Read the complete Ram Chalisa with Hindi lyrics, English transliteration, meaning, benefits and chanting method.
Read Shri Ram Chalisa with original Hindi text, English transliteration and meaning. Chant this powerful devotional hymn to Lord Rama for peace, courage and divine blessings.
॥ दोहा ॥ श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुरु सुधारि। बरनऊं रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥ जय कौशल्या नंदन जय, अवधपुरी के राजा। जय जय सिय पति करुणा सागर, दुष्ट दलन जन त्राता॥ ॥ चौपाई ॥ जय जय जय रघुनाथ कृपाला। दीन बंधु प्रभु दीनदयाला॥ जय जय जय प्रभु करुणा सागर। पतित पावन जय जय जयकर॥ जय दशरथ सुत कौशल्या नंदन। जय जय भक्त हृदय आनंदन॥ जय जय सीतापति सुखधामा। जय जय जय पूरण कामा॥ जय जय जय मिथिलेश कुमारी। सीता संग बिहारी बनवारी॥ जय जय भरत लखन हितकारी। शत्रुघ्न सहित चारों भाई॥ जय जय हनुमत प्रभु सेवक स्वामी। जय जय अंतर्यामी नामी॥ जय जय जय ऋषि मुनि मन भावन। जय जय शरणागत दुख नावन॥ जय जय जय ताड़का संहारी। जय जय जय अहिल्या तारी॥ जय जय विश्वामित्र सहाई। यज्ञ रक्षा कीन्ह सुखदाई॥ जय जय शिव धनु भंजनहारा। जय जय सीता स्वयंवर सारा॥ जय जय जनकपुर हर्ष बढ़ायो। ब्याह रचाय अवध लै आयो॥ जय जय कैकेयी हठ ठानी। बन गमन भइ आज्ञा मानी॥ जय जय पितु आज्ञा शिर धारी। बन गए सिय लखन खरारी॥ जय जय चित्रकूट बासा कीन्हा। भरत मिलन सुखदायक दीन्हा॥ जय जय पादुका राज बैठाई। भरत अवध राज्य चलाई॥ जय जय पंचवटी बन बासा। जय जय शबरी हरी हुलासा॥ जय जय सूपनखा नासा काटी। जय जय खर दूषण गति पाती॥ जय जय सीता हरण दशानन। जय जय जटायु राम मरण धन॥ जय जय सुग्रीव मित्रता कीन्हा। बालि वध करि राज्य दीन्हा॥ जय जय हनुमत सिय सुधि लायो। लंका दहन बिभीषण पायो॥ जय जय सेतु बंध रचि डारा। लंका पर चढ़ि कीन्ह प्रहारा॥ जय जय कुंभकर्ण संहारा। जय जय मेघनाद कर मारा॥ जय जय रावण वध करि स्वामी। धर्म स्थापि भए अंतर्यामी॥ जय जय विभीषण लंका राज्य। जय जय सिय शुद्धता कर काज्य॥ जय जय पुष्पक विमान बिहारी। अवध चले सिय लखन खरारी॥ जय जय भरत भेंट सुखकारी। राज तिलक भव संकट हारी॥ जय जय राम राज्य सुखदाई। चहुँ दिसि धर्म ध्वजा फहराई॥ जय जय अवध जन आनंद छायो। राम राज्य सब जग सुख पायो॥ जय जय राम नाम गुण गाथा। पढ़त सुनत मिटहिं दुख त्राता॥ जो यह पाठ करे मन लाई। तेहि कहुँ राम मिलहिं सुखदाई॥ जय जय जय रघुनाथ कृपाला। सुनिय पुकार दीन प्रतिपाला॥ ॥ दोहा ॥ राम चरित यह पावन पाठा। जो पढ़ि सुनइ मिटइ भव त्राता॥ रामचालीसा सुख पावई। भव सागर सुगमहि तर जावई॥
॥ श्री Ram Chalisa सम्पूर्ण ॥
Each verse describes Lord Rama’s form, virtues and compassion.
Prayer, devotion and spiritual growth through divine grace.
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Bathe early, wear clean clothes and choose a peaceful place.
Light a lamp and offer flowers with devotion.
Read or listen with full attention and concentration.
Offer gratitude and pray for peace and well-being.
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